'सूर्यदत्ता एज्यु-सोशियो कनेक्ट इनिशिएटिव्ह' के तहत उच्च शिक्षा के लिए १०० छात्रों को छात्रवृत्ति देने की घोषणा

 

पुणे : सूर्यदत्ता एज्युकेशन फाउंडेशन की और से उच्च शिक्षा के लिए (पदवी और पदव्युत्तर पदवी पाठ्यक्रम) १०० छात्रों को १०० टक्का छात्रवृत्ति दी जानेवाली है. सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों  के लिए २०२०-२०२१ इसशैक्षिक वर्ष में प्रवेश लेनेवाले छात्रों को इस छात्रवृत्ति का लाभ मिलनेवाला हैकोरोना संसर्ग के कारन आ गए वित्तीय संकट में छात्रों को नुकसान नहीं होना चाहिए, उनका साल बर्बाद ना हो, इसलिए सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के एज्यु-सोशियो कनेक्ट & सीएसआर इनिशिएटिव्ह' के तहत यह छात्रवृत्ति दी जाएगी.

 

सप्टेंबर महिने मे सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट ने एमबीए, पीजीडीएम, एम.कॉम, एमएससी ऐसे अलग अलग पदव्युत्तर पदवी (पोस्ट ग्रॅज्युएट) पाठयक्रम के लिए पेहेले हि छात्रवृत्ति की घोषित कि थी. सूर्यदत्ता की समिति के सदस्यों ने महाराष्ट्र में विभिन्न शहरों, जिलों और तालुका स्तर का दौरा किया और राज्य की स्थिति का जायजा लिया. इस 14-15 दिन के दौरे के दौरान प्राप्त अनुभव के आधार पर, पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ-साथ डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया गया.

 

सूर्यदत्ता एज्युकेशन फाउंडेशन (SEF) महाराष्ट्र सरकार के तहत पंजीकृत एक सामाजिक संगठन है. ऑक्स्फर्ड ऑफ ईस्ट ऐसे रूप में जाने वाले पुणे  के कैलासवासी श्रीमती रत्नाबाई और श्री. बन्सिलालजी चोरडिया के आशीर्वाद से एसईएफ संचालित सुर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट की स्थापना १९९९ में हुई. समाज के जरूरतमंद और पात्र छात्रों को और नोकरी करनेवाले लोगों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति देने का काम सुर्यदत्ता अपने एज्यु-सोशियो कनेक्ट इनिशिएटिव्ह के तहत कई वर्ष से नियमित रूप से कर रहे हैंपिछले बीस वर्षों में, सूर्यदत्ता ने काफी प्रगति की है, आज विद्यालय, व्यवस्थापन, ट्रॅव्हल अँड टुरिझम, हॉटेल मॅनेजमेंट, मीडिया अँड मास कम्युनिकेश, इंटिरिअर डिझाईनिंग, फॅशन अँड ज्वेलरी डिझाईन, इव्हेन्ट मॅनेजमेंट, मल्टिमीडिया ग्राफिक्स अँड ऍनिमेशन, क्रिएटिव्ह आर्ट, सायबर अँड डिजिटल सायन्सेस, एव्हिएशन, हेल्थ अँड फिटनेस, सेल्फ डिफेन्स, ब्युटी अँड वेलनेस, व्होकेशनल अँड ऍडवान्सड स्टडीज ऐसी विभिन्न शाखाओं में उच्च गुणवत्ता और नवीन शिक्षा दी जा रही है. देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ कई अन्य देशों के विदेशी छात्र सूर्यदत्ता शिक्षण संस्था में पढ़ रहे है, यह खुशी की बात है.

 

कोरोना महामारी के कारण वर्तमान स्थिति को देखते हुए, कई लोग के मन अनिश्चितता और भय से भरे हुए हैं. न केवल स्वास्थ्य की स्थिति खराब हुई है, बल्कि इससे एक बड़ा वित्तीय संकट भी पैदा हुआ है. परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. पिछले कुछ महीनों में अनेक लोगों की स्थिती खराब हो गई है और घर चलाना मुश्किल हो गया है. ऐसी स्थिति में, कई लोग उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बारे में नकारात्मक और संदेह स्थिति मे हैं. उनके बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और कई छात्र और अभिभावक उच्च शिक्षा नहीं लेने का फैसला कर रहे हैं. टुरिझम अँड हॉस्पिटॅलिटी, उत्पादन क्षेत्र, बांधकाम क्षेत्र में काम करने वाले परिवारों को कोरोना के कारण बहुत नुकसान झेलना पड रहा है. नोकरी करनेवाले, मजदूर, छोटे उद्योजक इन्हे वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे परिवारों के बच्चों को बिना साल बरबाद किए शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने का बीड़ा सूर्यदत्ता ने उठाया है. और इस छात्रवृत्ति देने की घोषणा की है. इस प्रकार की छात्रवृत्ति देनेवाली सूर्यदत्ता संस्थान शायद एकमेव होगी. इसलिए   छात्रों को शिक्षा लेने की इच्छा होते हुए भी केवल आर्थिक संकट के कारण साल बरबाद करने की आवश्यकता नहीं है

 

यह छात्रवृत्ति २०२०-२०२१ शैक्षणिक वर्ष  में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से संलग्नित सूर्यदत्ता संस्थान में प्रवेश लेनेवाले छात्रों के लिए लागू होगी. उपलब्ध डिग्री पाठ्यक्रम इस प्रकार हैं :

 

सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से संलग्न डिग्री पाठ्यक्रम:

 

- बी. एस्सी.  सायबर अँड डिजिटल सायन्स (तीन साल का फुल टाइम कोर्स)

- बॅचलर ऑफ सायन्स इन अनिमेशन (बीएस्सी एनिमेशन) (तीन साल का फुल टाइम कोर्स

- बॅचलर ऑफ सायन्स इन हॉटेल मॅनेजमेंट  (तीन साल का फुल टाइम कोर्स)

- बॅचलर ऑफ बिझनेस ऍडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) (तीन साल का फुल टाइम कोर्स

- बॅचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम)  (तीन साल का फुल टाइम कोर्स)

- बॅचलर ऑफ सायन्स इन अनिमेशन (बीएस्सी एनिमेशन)  (तीन साल का फुल टाइम कोर्स

- बॅचलर ऑफ बिझनेस ऍडमिनिस्ट्रेशन इन इंटरनॅशनल बिझनेस (बीबीए-आयबी)  (तीन साल का फुल टाइम कोर्स

- बॅचलर ऑफ बिझनेस ऍडमिनिस्ट्रेशन इन कम्प्युटर अप्लिकेशन (बीबीए-सीए(तीन साल का फुल टाइम कोर्स

- बॅचलर ऑफ सायन्स इन कम्प्युटर सायन्स (तीन साल का फुल टाइम कोर्स

- बॅचलर ऑफ सायन्स इन फॅशन डिझाईन  (तीन साल का फुल टाइम कोर्स

 

 सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से संलग्न पीजी पाठ्यक्रम:

- मास्टर ऑफ सायन्स इन कम्प्युटर सायन्स (एमएस्सी सीएस) (दो साल का फुल टाइम कोर्स

- मास्टर्स इन कॉमर्स (एमकॉम) ( दो साल का फुल टाइम कोर्स )

- मास्टर्स इन बिझनेस ऍडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) ( दो साल का फुल टाइम कोर्स )

- पोस्ट ग्रॅज्युएट डिप्लोमा कोर्सेस (पीजीडीएमएलएम, पीजीडीआयईएम, पीजीडीएफएसपीजीडीएमएम, पीजीडीएफटी)  साल का पार्ट टाइम कोर्स

 

एआयसीटीई मंजूर अभ्यासक्रम एआईसीटीई अनुमोदित पाठ्यक्रम

पोस्ट ग्रॅज्युएट डिप्लोमा इन मॅनेजमेंट (पीजीडीएम) - 2 साल फुल टाइम कोर्स

 

अन्य यूजीसी / विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम:

 

- बी.एससी. मल्टीमीडिया ग्राफिक्स अँड अ‍ॅनिमेशन (एमजीए)

- बॅचलर इन परफॉर्मिंग आर्ट्स

- बी. व्होक इन मीडिया आर्ट्स

- बी.ए इन ट्रॅव्हल अँड टुरिझम

- बॅचलर इन फाईन आर्ट्स

- डिप्लोमा / अ‍ॅडव्हान्स डिप्लोमा इन इंटीरियर डिझाइन

- डिप्लोमा / अ‍ॅडव्हान्स डिप्लोमा इन फॅशन डिझाईन

- डिप्लोमा /-अ‍ॅडव्हान्स डिप्लोमा इन इव्हेंट मॅनेजमेंट

- डिप्लोमा इन इंटिरियर डिझाईन अँड डेकोरेशन

- मास्टर इन फाईन आर्ट्स


कौन आवेदन कर सकता है?

 

 कोरोना महामारी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के कर्मचारियों के बच्चे या फिर ऐसे माता-पिता के बच्चे जो अपनी नौकरी खो चुके हैं.

- करोना का व्यवसाय पर परिणाम हुवा है या फिर व्यवसाय की स्थिति धीमा हो गया है ऐसे छोटे व्यवसाईयों के बच्चे

- हमाल पंचायत, स्वच्छ संस्था के कर्मचारी, बांधकाम मजूर और अन्य मजदूरी करने वालों के बच्चे  

- अल्प उत्पन्न वाले कोरोना योद्ध्यांओं के बच्चे, जसे कि महापालिका कर्मचारी, डॉक्टर नर्स, वैद्यकीय कर्मचारी, पोलीस, संरक्षण क्षेत्र के कर्मचारीयों के बच्चे 

- शहीद सैनिकों के बच्चे, कोरोना योद्धाये जिनकी कोरोना की लड़ाई में मौत हो गयी है उनके बच्चे

 अनाथ या विभिन्न संगठनों से जुड़े बच्चे

 महिला सशक्तीकरण की भावना में जिन नौकरी करनेवाली  महिला की उम्र ५० -६० है और वह अल्प उत्पन्न गट में है. 

 २५-३५ वर्ष की आयु की महिलाएं जिनके पति अपनी नौकरी खो चुके हैं और कम आय वर्ग में हैं

 एनजीओ से जुड़ी महिलाएं

-अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चे विशेषकर जैन समुदाय के बच्चे

- इसके अलावा जो गरीब और जरूरतमंद हैं और जिनकी कम आय पर कोरोना का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. 

 

इच्छुक छात्रों को संबंधित विश्वविद्यालय की पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा. इसके लिए, छात्रों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पात्रता मानदंड की जांच करनी चाहिए. जिन छात्रों को कोई सरकारी छात्रवृत्ति नहीं मिलती है, उन्हें तुरंत आवेदन करना चाहिए.

 

छात्रवृत्ति का स्वरूप :

चयनित छात्रों को सूर्यदत्ता द्वारा पूर्ण ट्युशन शुल्क का भुगतान किया जाएगा. छात्रों को विश्वविद्यालय पात्रता शुल्क और परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा.

 

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवारों को सभी प्रक्रियाओं को लागू करने और समझने के लिए निकटतम लोकमत कार्यालय से संपर्क करना चाहिए. वहाँपर शैक्षिक योग्यता दस्तावेजों और पसंतीदार पाठ्यक्रम के विषय में बताये. पात्रता निश्चित करने के लिए संबंधित शैक्षित पात्रता प्रमाणपत्रपदवी गुणपत्रक के साथ उत्पन्न का पुरावा और लोकमत का अधिकृत शिफारस पत्र आवश्यक है. अधिकृत व्यक्ती द्वारा दिया गया शिफारस पत्र (तहसीलदार / सरपंच / स्वयंसेवी संघटन के प्रमुख आदी.) प्रमुखअखबारों के संपादकों, मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी संगठनों के प्रमुखों के सुझावों पत्र के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. सीएसआर कमिटी आवश्यक असणाऱ्या कागदपत्रांची पडताळणी करेल आणि या संदर्भातील अंतिम निर्णयाची माहिती देईल. सीएसआर कमिटी आवश्यक कागदपत्रों की पडतानी करेगी और इस संदर्भ का अंतिम निर्णय की जानकारी दी जाएगी. सूर्यदत्ता एज्युकेशन फाउंडेशन १०० पात्र छात्रों की लिस्ट जाहीर करेगा और उन्हें छत्रवृत्ती दी जाएगी. अर्ज करने की आखरी तारीख २५ डिसेंबर २०२० होगी. प्रवेश की अंतिम तारीख २७ डिसेंबर २०२० ऐसी होगी.  

 

सूर्यदत्ता की मुख्य विशेषताएं :

- ब्याज मुक्त किश्तों और बैंक कर्ज के लिए सहयोग

-पेड इंटर्नशिप, विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से भुगतान प्रशिक्षण

-प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, सेमिनार, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं।

-सूर्यदत्ता में सायबर अँड डिजिटल सायन्सअ‍ॅनिमेशनहॉटेल मॅनेजमेंटफॅशन अँड इंटिरियर डिझाईनमधील लंडन अकेडमी ऑफ प्रोफेशनल ट्रेनिंग (एलएपीटीलंडन) द्वारा संबंधित विषयों में डिप्लोमा अभ्यासक्रम 

-लड़के और लड़कियों के लिए अलग - अलग हॉस्टल

 

पुरस्कार एवं नामांकन

सूर्यदत्ता को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. संघटन अग्रगण्य सर्वेक्षण में पिछले १८ साल से भारत के  पहिले टॉप ५० संघटन के 'श्रेणी गट में आहे. टाइम्स स्कूल सर्वेक्षण २०१९ में सूर्यदत्ता नॅशनल स्कुल यह  सीबीएसई स्कुल में प्रथम क्रमांक पर है. टाइम्स बी-स्कूल ने २०२० में लगातार सातवे वर्षी सुर्ययत्ता इन्स्टिट्यूट ऑफ मॅनेजमेन्ट को टॉप बी स्कूलों में स्थान दिया है. एआयसीटीई सीआयआयने प्लॅटिनम प्रकार में सूर्यदत्ता इन्स्टिट्यूट ऑफ मॅनेजमेंट अँड मास कॉम्युनिकेशन (सिमएमसी) को लगातार ५ साल से प्लॅटिनम प्रकार में  स्थान दिया है. सिलिकॉन इंडिया एज्युकेशनने एस.ए.सी.एम.टी.टी. के १० सब में प्रॉमिसिंग हॉटेल मॅनेजमेंट कॉलेज के संस्करण में इलेक्टीक्टीपॅगेजी के लिए कॉलेज ऑफ द इयर के लिए चयन किया गया है.

 

सूर्यदत्ता की विशिष्टता

सूर्यदत्ता ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यापारिक संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों में प्रवेश किया है. उन्होंने सदस्यता भी ले ली है. इस में ऑल इंडिया मॅनेजमेंट असोसिएशनचे (एआयएमए) रिक्र्टाइड स्टडी सेंटर,बाय,वायसीएमयू,आयआयएमबीएक्सहार्वर्ड बिजनेस स्कूल ऑनलाईनहार्वर्ड बिझिनेस पब्लिशिंग एज्युकेशनवेस्टइंडियातील एआयएमए बिजब्लाबलंडन अकॅडमी इन संघटन के प्रथम सहकार्य मिलेहुए ऑल इंडिया मॅनेजमेंट असोसिएशन (एआयएमए) का सूर्यदत्ता  सदस्य है. व्यावसायिक प्रशिक्षण (यूके)इंटरनॅशनल कंट्रोल प्रॅक्टिशनर्स (यूके) की स्विसम रशिया और रिस्क मॅनेजमेन्ट असोसिएशनलिंकन युनिव्हर्सिटी (मलेशिया)एसएपीटीसीएस आयनरिटेलर्स असोसिएशन ऑफ इंडियासीआयएमएसएमईकलाम सेंटर और आविष्कर लॅबएक्स बिलियनस्किल्स लॅबबायजूचेअधिकृत आरोग्यसेवा संघटनां के कन्सोर्टियमइंडियन सायबर आर्मीबडा बिझिनेस और अन्य बहोत संघटन का समावेश है. इस के पीछे छात्रों का सर्वांगीण विकास करने का हेतू है. भविष्यकाल के नवोदित व्यवस्थापकों का सर्वांगीण विकास होने के लिए अलग अलग क्षेत्र के तज्ञ लोगोंसे चर्चा कर के सूर्यदत्ता संघटन ने उपरोक्त उल्लेख किए  मूल्य वर्धित पाठ्यक्रमोंका समावेश किया है. इस तरफसूर्यदत्ता जागतिक प्रीमियम संघटन स्तर पर सभी प्रसिद्ध पाठ्यक्रम प्रदान किए. जिस बजह से केवल कॉर्पोरेट रेडीबूटच नही तो डायनॅमिक वैश्विक वातावरण का सामना करने की  क्षमता छात्रों में निर्माण हो रही है.

 

प्लेसमेंट के रिकॉर्ड करें

संस्था की स्थापना के समय से ही छात्रों के लिए प्लेसमेंट की परंपरा रही है, जिसके साथ सूर्यदत्ता ज्यादा से ज्यादा प्लेसमेंट में आगे आए है. सूर्यदत्ताने थरमॅक्सबिझिनेस स्टँडर्डशॉपर्स स्टॉप आदी अनेक कॉर्पोरेट कंपनियों और व्यापारिक दुनिया के साथ संबंध स्थापित किए गए हैं. प्लेसमेंट के लिए कई एमओयू किए गए हैं. संगठन में 700 से अधिक कंपनियो से जुड़े हुई हैं.

 

डॉक्टरल रिसर्च सेंटर

सूर्यदत्ता ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय  मान्यता प्राप्त प्रबंधन शाखा में एक डॉक्टोरल रिसर्च सेंटर स्थापित किया है. अस्पताल प्रबंधन, वाणिज्य अनुसंधान केंद्र शुरू किए है.

 

इनोव्हेशन अँड इनक्युबेशन सेंटर

स्टार्टअप संस्कृति को विकसित करने के लिए संगठन में प्रयास चल रहे हैं. व्यवसाय में प्रवेश करना चाहते हैं उन लोगों के सपनों को पूरा करने में मदद की जाती  है. उद्यमिता के साथ युवा छात्रों को एआयएमए बीझलॅबइनोव्हेशन नेक्स्ट लॅबएआयच्या लॅब बनायीं गयी है. सूर्यदत्ता जल्द ही ही अपने दो प्रमुख संस्थानों में एसीआयसी - अटल कम्युनिटी इनोव्हेशन सेंटर की स्थापना करने वाला है.

 

वैश्विक विस्तार

सूर्यदत्ताने स्थापना वर्ष से ही वैश्विक स्तर पर विस्तार करने पर भर दिया है. आज ६० हजार से अधिक छात्रों ने सूर्यदत्ता में शिक्षा प्राप्त की है, आज दुनिया भर में वह अपने काम से प्रभाव डाल रहे हैं. देश और विदेश में अनेक आंतरराष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनीयो में अच्छी स्थिति में काम कर रहे हैं.

 

सूर्यदत्ता राष्ट्रीय पुरस्कार

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिग्गजों को सुर्यदत्ता राष्ट्रीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है. ५०० से अधिक दिग्गज लोगोंको  सूर्यदत्ताने सन्मानित किया है. हर साल अपनी सालगिरह पर सूर्यदत्ता बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करता है और यह सम्मान उस कार्यक्रम में वितरित किया जाता है. पदमभूषण पंडित भीमसेन जोशी, वैज्ञानिक डॉ. कस्तुरी रंजन, योगाचार्य डॉ. बीकेएस अय्यंगार, ज्येष्ठ अभिनेता अनुपम खरे, पदमभूषण श्री शिव नादर, शहनाज हुसेन, किरण बेदी, मोहन धारिया, रघुनाथ माशेलकर, डॉ. विजय भटकर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

 

सूर्यदत्ता के नाम पर, विक्रम

'अनफोल्ड हिडन पोटेन्शिअल थ्रु ब्लाईंडफोल्ड' और '२४ हावर्स सायलेंट व्रिडेथॉन' इस उपक्रम द्वारा संघटन ने लिम्का बुक ऑफ रेकॉर्ड में स्थान मिला है. पहिला उपक्रम नेत्रहीन बच्चों को दैनिक जीवन की कठिनाइयों के बारे में बताने और उनके आत्मविश्वास का निर्माण करने पर केंद्रित है. दूसरी गतिविधि २४ घंटे छात्रों के पढ़ने, चिंतन, संदेहों को हल करने पर केंद्रित है. ११०० तुलसी के पौधे के साथ भारत का नक्शा तैयार करना और Kavyathon २०१९  यह दो गतिविधिया गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज की गई है.

 

 

प्रशस्त विशाल, स्वच्छ परिसर में, स्वस्थ और शैक्षिक वातावरण में छात्रों का स्वागत करने पर हमे गर्व है. महामारी के संकट को रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार आवश्यक देखभाल की जा रही है. शैक्षिक परिसरों, कार्यालयों और कक्षाओं को नियमित रूप से कीटाणुरहित किया जा रहा है.  इसी तरह छह फुट के अंतर-नियम का पालन किया जा रहा है. इसी तरह से थर्मल स्क्रिनिंग, वाहनों का निर्जंतुकीकरण नियमित रूप से की जा रही है. सॅनिटायझर, मास्क का उपयोग बंधनकारक किया गया है. सूर्यदत्ता में शिक्षण यह निरंतर चालनेवाली प्रक्रिया है. संस्थान में  संस्थान के सभी शिक्षकों को आसानी से ऑनलाइन शिक्षण की विधि में महारत हासिल है इस लिए करोना काल में भी शिक्षण प्रक्रिया बाधित नहीं हुई है. समकालीन और ऑनलाईन शिक्षा के कारण छात्रों के ज्ञान में इजाफा कर रहा है. सूर्यदत्ता छात्रों को ऑनलाईन शिक्षा के माध्यम से  बहुआयामी शिक्षा का अनुभव रहा है.

 

अधिक जानकारी और कैरियर मार्गदर्शन के लिए ९८८१४९००३६ पर संपर्क करें.

प्रवेश के लिए ८९५६९३२४१७, ९७६३२६६८२९ पर कॉल करें। इसके अलावा www.suryadatta.org इस वेबसाइट पर जाए.

 

"कोरोना के कारण देश भर में लॉकडाऊन लगया गया. इस के कारण बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान सभी स्तरों के लोगों का हुवा है. शिक्षा क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. वित्तीय संकट के कारण, कई छात्र इस वर्ष के लिए उच्च शिक्षा में प्रवेश ना लेन का विचार कर रहे हैं. सीखने की उनकी इच्छा के बावजूद केवल आर्थिक परिस्थिती अच्छी ना होने के कारण उनकी शिक्षा में रोक लगे, इस विचार से सामाजिक प्रतिबद्धता की भावना से यह छात्रवृत्ति देने का फैसला किया हमने संगठन के पदाधिकारियों की एक बैठक में लिया है. एमएस्सी (संगणकशास्त्र), एमकॉम, एमबीए, पीजीडीएम और मास्टर इन फाईन आर्टस्, पदव्युत्तर डिप्लोमा (पार्टटाइम) यह सभी पाठ्यक्रम व्यवसाय उन्मुख और रोजगार उन्मुख हैं. इन पाठ्यक्रमों को पूरा करके, छात्र एक अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं या अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं. वित्तीय स्थिति के कारण छात्र का वर्ष बर्बाद ना हो, छात्रों और अभिभावकों में निराशा की भावना पैदा ना हो, यह इसके पीछे का उद्देश्य है. साथ ही सामाजिक जागरूकता को ध्यान में रखकर विभिन्न गतिविधियों को संघठन में अंजाम दिया जा रहा है. "

 

- प्रा. डॉ. संजय चोरडिया, संस्थापक अध्यक्ष, सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट, पुणे.

 

Visit: https://www.suryadatta.org/

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