सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की ओर से इसरो के अध्यक्ष डॉ.के.सिवन को 'सूर्यभूषण आंतराष्ट्रीय पुरस्कार' प्रदान
सुर्यदत्ता इन्स्टिट्यूट ऑफ सायंटिफिक रिसर्च के उद्घाटन के लिए
इसरो के
अध्यक्ष डॉ. के. सिवन को 'सूर्यदत्ता'
का
निमंत्रण
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सुर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट की ओर से बंगलोर में डाॅ. के. सिवन को 'सूर्यभूषण इंटरनेशनल अवार्ड' प्रदान
पुणे : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. के. सिवन को सुर्यदत्ता ग्रुप
ऑफ इन्स्टिट्यूट कि ओर से
'सूर्यभूषण
आंतरराष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित किया गया. संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय चोरडिया की अध्यक्षता में सूर्यदत्ता के एक
प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में इसरो के बैंगलोर मुख्यालय का दौरा किया. उस समय प्रा. डॉ. संजय चोरडिया के हाथों डॉ. के. सिवन को इस पुरस्कार से सम्मानित किया
गया था. सूर्यदत्ता के कार्यकारी विकास अधिकारी सिद्धांत चोरडिया और निदेशक प्रा.
सुनील धाड़ीवाल उपस्थित थे. डॉ. के. सिवन ने इसरो कि कई यादें साझा कीं. जिसे
सुनकर 'सूर्यदत्ता' के प्रतिनिधिमंडल को जानकारी मिली और अच्छा लगा. सूर्यदत्ता इन्स्टिट्यूट ऑफ
सायंटिफिक रिसर्चच्या (एसआयएसआर) के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि
के रूप में डॉ. के. सिवन को आमंत्रित किया गया था. उन्होंने इसका सम्मानपूर्वक
स्वीकार किया.
प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने कहा, "विश्वव्यापी प्रतिष्ठा का अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र, इसरो का दौरा करना बहुत खुशी की बात है. यह हम सभी सूर्यदत्ता परिवार के लिए गर्व की
बात है. डॉ. के. सिवन इन से मिलकर उन्हे सम्मानित कर के 'सूर्यदत्ता' को भी गौरव महसूस हुवा. इस कार्यक्रम के दौरान,
डॉ. के. सिवन का बहुमूल्य मार्गदर्शन मिला जो हम सब
के लिए प्रेरणादायक है. सूर्यदत्ता में छात्रों को समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण
शिक्षा प्रदान करने की परंपरा है. हम स्कूली बच्चों के लिए विज्ञान में रुचि
पैदा करने के लिए कई गतिविधियों को अंजाम देते हैं. छात्रों में नवीन सोच और अनुसंधान क्षमताओं
को प्रोत्साहित किया जाता है. समाज में वैज्ञानिक संशोधन के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न
गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है. संस्थान के छात्रों के अलावा, महाराष्ट्र के अन्य स्कूलों के छात्र भी
इसमें भाग लेते हैं. राज्य स्तरीय विज्ञान परियोजनाओं, वैज्ञानिक प्रदर्शनियों आदि प्रतियोगिताओं का
आयोजन सूर्यदत्ता संस्थान के बावधन परिसर में किया जाता है. ,''ऐसा भी डॉ. चोरडिया ने उल्लेख किया.
इस अवसर पर प्रा. डॉ. संजय चोरडिया ने डॉ. के.सिवन को
सूर्यदत्ता संस्थान में आने के लिए, साथ ही साथ छात्रों,
शिक्षकों, प्रोफेसरों को वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए
मार्गदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया गया. अनुसंधान के क्षेत्र में उभरते
शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए, डॉ. के. सिवन मार्गदर्शन करेंगे.
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इसरो की यादगार यात्रा : डॉ. चोरडिया
यात्रा के दौरान, सूर्यदत्ता प्रतिनिधियों को इसरो हेरिटेज सेंटर अँड म्युझियम दिखाया गया. इसरो की शुरुआत एक छोटे से शेड के नीचे हुई, फिर बाद के समय में इतिहास बनाने वाली घटनाओं से यहापर हुई. डॉ. विक्रम साराभाई, प्रा. सतीश धवन, डॉ. कृष्णास्वामी कस्तुरीरंगन, डॉ. ए. किरण कुमार आदी लोगों ने इसरो को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिली कर दी. यहां के संग्रहालय में इसरो के दिग्गज नेताओं के बारे में भी जानकारी दी गई. इसमें प्रसारण, संप्रेषण, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन उपकरण, भौगोलिक सूचना प्रणाली, कार्टून, नेविगेशन, टेलीमेडिसिन, विशेष उपग्रह उत्पादों और उपकरण विकास संग्रहालयों भी दिखाया गया है. यह यात्रा सभी प्रकार से यादगार थी. ऐसा डॉ. चोरडिया ने कहा.
visit: https://www.suryadatta.org/
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